फुले आणि काटे (Record no. 8940)
| 000 -LEADER | |
|---|---|
| fixed length control field | nam a22 7a 4500 |
| 005 - DATE AND TIME OF LATEST TRANSACTION | |
| control field | 20230203134954.0 |
| 020 ## - ISBN | |
| International standerd number | 9788171615872 |
| 040 ## - CATALOGING SOURCE | |
| Transcribing agency | AEF |
| 082 ## - DEWEY DECIMAL CLASSIFICATION NUMBER | |
| Edition number | 23rd ed. |
| Classification number | 894.46 |
| Item number | PAT |
| 100 ## - MAIN ENTRY--PERSONAL NAME | |
| Personal name | खांडेकर, वि. स. |
| Fuller form of name | Khandekar, V. S. |
| 9 (RLIN) | 1161 |
| 245 ## - TITLE STATEMENT | |
| Title | फुले आणि काटे |
| 246 ## - VARYING FORM OF TITLE | |
| Title proper/short title | Phule Ani Kate |
| 250 ## - EDITION STATEMENT | |
| Edition statement | 1st ed. |
| 260 ## - PUBLICATION, DISTRIBUTION, ETC. | |
| Place of publication, distribution, etc. | Pune: |
| Name of publisher, distributor, etc. | Mehata publishing house, |
| Date of publication, distribution, etc. | 2018 |
| 300 ## - PHYSICAL DESCRIPTION | |
| Extent | 96 p.: |
| 521 ## - TARGET AUDIENCE NOTE | |
| Target audience note | ‘फुले आणि काटे’ या वि.स. खांडेकरांच्या ग्रंथात काही निबंध इतरांच्या साहित्यकृतींची आणि वैशिष्ट्यांची समीक्षा करणारे आहेत आणि काही निबंध स्वत:वरील काही संस्कारविशेष सांगणारे आहेत. खांडेकरांची मूळ प्रकृती ललित लेखकाची. या प्रकृतीत मनाची सात्त्विक भव्यता, चिंतनशील कल्पकता, वाचनसंदर्भता, संवेदनशीलता, आस्वादकता आणि भाषिक क्रीडाशीलता हे गुण विशेष जाणवतात. ते लघुनिबंध लिहितात, तेव्हा त्यांच्या या गुणांना विशेष बहर येतो. खांडेकरकालीन साहित्यिक पिढीने लघुनिबंध आणि निबंध ही दोन्ही सख्खी भावंडे मानली. त्यामुळे खांडेकरांच्या वैचारिक आणि समीक्षात्मक निबंधांतही या गुणांचा आविष्कार मुक्तपणे होताना दिसतो. प्रस्तुत ग्रंथात त्यांचा प्रत्यय वाचकांना पानोपानी येतो. मग न. चिं. केळकरांचा विनोद असो. कृ. प्र. खाडिलकरांचे नाटक असो, विंवा भास्करराव तांबे यांची कविता असो, त्यांची समीक्षा करताना खांडेकरांच्या वरील गुणांचाच आविष्कार होताना दिसतो. विवेचनासाठी घेतलेला साहित्यविषय जीवन मूल्यांच्या अंगांनी समजून देण्यावरचे त्यांचे अवधान कधीही सूटत नाही. या लेखांतून त्यांची उदात्त मूल्यांनी युक्त अशा जीवनाची अनावर ओढ विशेष जाणवते. त्यामुळे ‘फुले आणि काटे’ या ग्रंथातील वि.स. खांडेकरांचे लेखन वाचकाला मोहवते आणि मंत्रमुग्ध करते. |
| 650 #0 - SUBJECT ADDED ENTRY--TOPICAL TERM | |
| 9 (RLIN) | 657 |
| Topical term or geographic name entry element | Marathi Novel |
| 942 ## - ADDED ENTRY ELEMENTS (KOHA) | |
| Source of classification or shelving scheme | |
| Koha item type | Book |
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