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561.
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कबीर :
कबीर के व्यक्तित्व, साहित्य और दार्शनिक विचारो कि आलोचना
by द्विवेदी , हजारीप्रसाद.
Publication:
New Delhi:
Rajkamal Prakashan,
2020
. 280 p. :
, ‘‘कबीर धर्मगुरु थे। इसलिए उनकी वाणियों का आध्यात्मिक रस ही आस्वाद्य होना चाहिए, परंतु विद्वानों ने नाना रूप में उन वाणियों का अध्ययन और उपयोग किया है। काव्य-रूप में उसे आस्वादन करने की प्रथा ही चल पड़ी है, समाज-सुधारक के रूप में, सर्वधर्म-समन्वयकारी के रूप में, हिंदू मुस्लिम ऐक्य-विधायक के रूप में, विशेष संप्रदाय के प्रतिष्ठाता के रूप में और वेदांत-व्याख्याता दार्शनिक के रूप में भी उनकी चर्चा कम नहीं हुई है। यों तो ‘हरि अनंत हरि कथा अनंता, विविध भाँति गावहिं श्रुति-संता’ के अनुसार कबीर-कथित हरि-कथा का विविध रूपों में उपयोग होना स्वाभाविक ही है, पर कभी-कभी उत्साह-परायण विद्वान् गलती से कबीर को इन्हीं रूपों में किसी एक का प्रतिनिधि समझकर ऐसी-ऐसी बातें करने लगते हैं जो असंगत कही जा सकती हैं।’’ आचार्य हजारीप्रसाद द्विवेदी पहले विद्वान हैं, जिन्होंने इस प्रकार के एकांगी दृष्टिकोण से बचकर कबीर के बहुमुखी व्यक्तित्व एवं कृतित्व का समग्र रूप में संतुलित और सम्यक् मूल्यांकन किया है। उनका मत है कि कबीरदास में इन सभी रूपों का समन्वय था, किंतु उनका वास्तविक रूप भक्त का ही था और अन्य सारे रूपों को उन्होंने भक्ति के साधन के रूप में स्वीकार किया था। आचार्य द्विवेदी की प्रस्तुत कृति आज भी कबीर विषयक आलोचना-साहित्य में अद्वितीय मानी जाती है और कबीरदास के व्यक्तित्व तथा कृतित्व को समग्र रूप में हृदयंगम करने के लिए यह अकेली पुस्तक पर्याप्त है, ऐसा विद्वानों का मत है। पुस्तक के अंत में उपयोगी समझकर ‘कबीर-वाणी’ नाम से कुछ चुने हुए पद्य संग्रह किए गए हैं। उनके शुरू के सौ पद आचार्य क्षितिमोहन सेन के संग्रह के हैं। इन्हीं को कविवर रवींद्रनाथ ठाकुर ने अंग्रेजी में अनूदित किया था।
20 cm.
Date:
2020
Availability:
Items available:
AEF's Arihant college of Arts, Commerce and Science, Camp, Pune-01
(2),
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562.
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गोरा
by टागोर, रवींद्रनाथ
Publication:
Pune:
Riya publications,
2016
. 336 p.:
21 cm
Date:
2016
Availability:
Items available:
AEF's Arihant college of Arts, Commerce and Science, Camp, Pune-01
(1),
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563.
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रावण:
आर्यावरताचा शत्रु
by अमीश
Publication:
Chennai :
Eka publication,
2022
. 343 p.:
23 cm
Date:
2022
Availability:
Items available:
AEF's Arihant college of Arts, Commerce and Science, Camp, Pune-01
(1),
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564.
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565.
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शेष
by चांदोरकर, स्वाती
Publication:
मेहता पब्लिशिंग हाऊस
2018
Date:
2018
Availability:
Items available:
AEF's Arihant college of Arts, Commerce and Science, Camp, Pune-01
General Stacks
(1),
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566.
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वलय
by काळे, व. पु.
Publication:
पुणे:
मेहता पब्लिशिंग हाऊस,
. 146 p. :
, बुद्धिबळांतला राजा खरा असतो का? परीकथेतल्या पया खया असतात का? नाटकातली पात्रं खरी असतात का? प्रश्न साधे, उत्तरे सहज समजणारी. आणि तरी ती समजून घ्यायला नाना प्रकारच्या अनुभवांतून जावे लागते. वलयात गुरफटलेल्या कितीतरी माणसांची ओळख व्हावी लागते. शहाणी नि मूर्ख, व्यवहारी नि स्वप्नवेडी माणसं. अशा माणसांच्या कथांचा हा संग्रह वाचकाच्या मनाला स्पर्शून गेल्याशिवाय राहणार नाही.
21 cm
Availability:
Items available:
AEF's Arihant college of Arts, Commerce and Science, Camp, Pune-01
[891.46371 KAL]
(1),
AEF's Arihant college of Arts, Commerce and Science, Camp, Pune-01
General Stacks
[891.46371 KAL]
(1),
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